#गद्दारी Tumblr posts

  • sadahaqhindi
    11.06.2021 - 6 days ago

    गद्दारी करने वालों को पार्टी में नहीं लेंगे, बीजेपी से और लोग आएंगेः ममता बनर्जी

    गद्दारी करने वालों को पार्टी में नहीं लेंगे, बीजेपी से और लोग आएंगेः ममता बनर्जी #sadahaqurdu #saaddahaq #sadahaqhindi #sadahaq #sadahaqnews #sadahaqpb #facebook #instagram #twitter #google #saaddahaqnews #saaddahaqhindi #saaddahaqurdu #youtube #saaddahaqpunjabi

    कोलकाता. बंगाल में बीजेपी को बड़ा झटका देते हुए ममता बनर्जी ने अपने पुराने सहयोगी मुकुल रॉय की घर वापसी करा दी है. इस मौके पर ममता ने साफ कर दिया कि पार्टी में गद्दारों की घर वापसी नहीं होगी, जिन्होंने पावर और पैसे के लिए विधानसभा चुनावों से पहले टीएमसी के साथ गद्दारी की. मुकुल रॉय को पार्टी में पद देने के सवाल पर ममता बनर्जी ने कहा कि इस बारे में बाद में फैसला लिया जाएगा. आइडियोलॉजी और पार्टी…

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  • 247groundnews
    16.06.2021 - 1 day ago

    राजस्थान संकट : कांग्रेस में अब 'गद्दार' वाले बयान पर 'गदर', पायलट गुट बोला- 'ये तो वक्त बताएगा'

    राजस्थान संकट : कांग्रेस में अब ‘गद्दार’ वाले बयान पर ‘गदर’, पायलट गुट बोला- ‘ये तो वक्त बताएगा’

    संदीप यादव ने नकली भी कहा मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए विधायक संदीप यादव ने कहा था कि जिन लोगों ने कांग्रेस से गद्दारी की वो अब मंत्रिमंडल में जगह पाने के लिए हाई कमान पर दबाव बना रहे हैं। बीएसपी से कांग्रेस में आये इन विधायकों ने पायलट समर्थकों का ना सिर्फ गद्दार बताया बल्कि नकली भी बता दिया। विधायक जोगिंदर अवाना ने कहा था कि अब वक्त आ गया है कि ये पहचाना जाये कि कौन असली है और कौन नकली है।…

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  • politalks-news
    15.06.2021 - 2 days ago

    प्रदेश में तेज हुआ सियासी घमासान, बसपा से कांग्रेसी बने विधायकों ने पायलट गुट को बताया गद्दार

    प्रदेश में तेज हुआ सियासी घमासान, बसपा से कांग्रेसी बने विधायकों ने पायलट गुट को बताया गद्दार

    Politalks.News/Rajasthan. प्रदेश में सीएम अशोक गहलोत और पूर्व पीसीसी चीफ सचिन पायलट के बीच की सियासी तकरार के चलते अब दोनों गुटों के विधायक खुलकर एक दूसरे पर हमला बोल रहे हैं. मंगलवार को लगातार दूसरे दिन बहुजन समाज पार्टी से कांग्रेस में आए विधायकों ने जयपुर में बैठक कर जहां एक ओर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत में अपनी निष्ठा जताई, वहीं सचिन पायलट गुट पर खुलकर हमला बोला है. सचिन पायलट गुट पर गद्दारी का…

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    #Ashok Gehlot Vs Sachin Pilot #BSP MLA
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  • sabkuchgyan
    12.06.2021 - 6 days ago

    इन 4 राशि वालो को धन कुबेर बनने से कोई नही रोक सकता है, ये लोग सबसे पहले बनते है करोड़पति

    इन 4 राशि वालो को धन कुबेर बनने से कोई नही रोक सकता है, ये लोग सबसे पहले बनते है करोड़पति #astrology

    इन दिनों आप अपने जीवन मे बहुत ही तेजी से आगे बढ़ते हुए लोगों के बीच एक नई मिसाल कायम कर सकते है। मित्रों के प्रति आपको सावधान रहने की जरूरत है। सभी मित्रों मे से कोइ एक मित्र आपके साथ गद्दारी करने के बारे मे सोच सकता है। जिससे आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। गलत संगति के मित्रों से आपको दूर रहने की जरूरत है। इन दिनों समाज मे आपके मान-सम्मान और प्रतिष्ठा को हानि पहुच सकती है।अपको अपनी सेहत का…

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  • abhay121996-blog
    11.06.2021 - 6 days ago

    अब कोई बीजेपी में नहीं रहेगा... मुकुल रॉय TMC में लौटे, ममता बोलीं- गद्दारी नहीं की Divya Sandesh

    #Divyasandesh

    अब कोई बीजेपी में नहीं रहेगा... मुकुल रॉय TMC में लौटे, ममता बोलीं- गद्दारी नहीं की
    कोलकाता बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस में घर वापसी कर ली है। मुकुल रॉय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मौजूदगी में तृणमूल कांग्रेस के मुख्यालय पहुंच पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर ममता ने कहा कि मुकुल हमारे घर के ही सदस्‍य हैं। वह अपने घर वापस आ गए हैं। मैं उनका अभिनंदन करती हूं। इस दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि चुनावों के दौरान मुकुल ने हमारे साथ गद्दारी नहीं की। जिन लोगों ने गद्दारी की है उन्‍हें हम वापस पार्टी में नहीं लेंगे।
    तृणमूल कांग्रेस के मुख्यालय पर आयोजित पत्रकार वार्ता में मुकुल रॉय ने कहा, ‘मुझे टीएमसी में वापस आकर बहुत अच्‍छा लग रहा है। बीजेपी से बाहर निकलकर अपने लोगों और पुराने लोगों से मिलकर बहुत संतुष्टि मिल रही है। मैं बीजेपी में काम नहीं कर पाया। इसलिए अपने पुराने घर वापस आ गया। रॉय ने कहा कि मैं बीजेपी छोड़कर TMC में आया हूं, अभी बंगाल में जो स्थिति है, उस स्थिति में कोई बीजेपी में नहीं रहेगा।
    मुकुल रॉय को बड़ी जिम्मेदारी देगी टीएमसी मुकुल रॉय के दोबारा टीएमसी में शामिल होने पर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि वह (मुकुल रॉय) पार्टी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। पहले वे जो भूमिका निभाते थे, भविष्य में भी वे वही भूमिका निभाएंगे। TMC एक परिवार है। इस दौरान ममता बनर्जी ने बीजेपी पर जोरदार हमला बोला। ममता ने कहा कि बीजेपी ईमानदार लोगों को जांच एजेंसियों की मदद से परेशानी करती है।
    बेटे संग टीएमसी में शामिल हुए मुकुल रॉय इससे पहले बीजेपी नेता मुकुल रॉय ने बेटे सुभ्रांशु रॉय के साथ बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस में वापसी कर ली। दोनों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मौजूदगी में पार्टी की दोबारा सदस्यता ग्रहण की।
    2017 में टीएमसी छोड़ बीजेपी में गए थे मुकुल रॉय मुकुल रॉय सबसे पहले टीएमसी छोड़ने वाले नेताओं में शुमार थे। 2017 में वह टीएमसी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे और इसके बाद बड़ी संख्या में टीएमसी नेताओं को उन्होंने बीजेपी जॉइन कराई थी। मुकुल रॉय की हैसियत टीएमसी की सरकार में नंबर 2 के नेता के रूप में थी। वह यूपीए 2 सरकार में रेल मंत्री भी रह चुके हैं। इसके अलावा नारदा और शारदा घोटाले में भी उनका नाम सामने आ चुका है।
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  • abhay121996-blog
    11.06.2021 - 6 days ago

    अब कोई बीजेपी में नहीं रहेगा... मुकुल रॉय TMC में लौटे, ममता बोलीं- गद्दारी नहीं की Divya Sandesh

    #Divyasandesh

    अब कोई बीजेपी में नहीं रहेगा... मुकुल रॉय TMC में लौटे, ममता बोलीं- गद्दारी नहीं की
    कोलकाता बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस में घर वापसी कर ली है। मुकुल रॉय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मौजूदगी में तृणमूल कांग्रेस के मुख्यालय पहुंच पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर ममता ने कहा कि मुकुल हमारे घर के ही सदस्‍य हैं। वह अपने घर वापस आ गए हैं। मैं उनका अभिनंदन करती हूं। इस दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि चुनावों के दौरान मुकुल ने हमारे साथ गद्दारी नहीं की। जिन लोगों ने गद्दारी की है उन्‍हें हम वापस पार्टी में नहीं लेंगे।
    तृणमूल कांग्रेस के मुख्यालय पर आयोजित पत्रकार वार्ता में मुकुल रॉय ने कहा, ‘मुझे टीएमसी में वापस आकर बहुत अच्‍छा लग रहा है। बीजेपी से बाहर निकलकर अपने लोगों और पुराने लोगों से मिलकर बहुत संतुष्टि मिल रही है। मैं बीजेपी में काम नहीं कर पाया। इसलिए अपने पुराने घर वापस आ गया। रॉय ने कहा कि मैं बीजेपी छोड़कर TMC में आया हूं, अभी बंगाल में जो स्थिति है, उस स्थिति में कोई बीजेपी में नहीं रहेगा।
    मुकुल रॉय को बड़ी जिम्मेदारी देगी टीएमसी मुकुल रॉय के दोबारा टीएमसी में शामिल होने पर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि वह (मुकुल रॉय) पार्टी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। पहले वे जो भूमिका निभाते थे, भविष्य में भी वे वही भूमिका निभाएंगे। TMC एक परिवार है। इस दौरान ममता बनर्जी ने बीजेपी पर जोरदार हमला बोला। ममता ने कहा कि बीजेपी ईमानदार लोगों को जांच एजेंसियों की मदद से परेशानी करती है।
    बेटे संग टीएमसी में शामिल हुए मुकुल रॉय इससे पहले बीजेपी नेता मुकुल रॉय ने बेटे सुभ्रांशु रॉय के साथ बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस में वापसी कर ली। दोनों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मौजूदगी में पार्टी की दोबारा सदस्यता ग्रहण की।
    2017 में टीएमसी छोड़ बीजेपी में गए थे मुकुल रॉय मुकुल रॉय सबसे पहले टीएमसी छोड़ने वाले नेताओं में शुमार थे। 2017 में वह टीएमसी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे और इसके बाद बड़ी संख्या में टीएमसी नेताओं को उन्होंने बीजेपी जॉइन कराई थी। मुकुल रॉय की हैसियत टीएमसी की सरकार में नंबर 2 के नेता के रूप में थी। वह यूपीए 2 सरकार में रेल मंत्री भी रह चुके हैं। इसके अलावा नारदा और शारदा घोटाले में भी उनका नाम सामने आ चुका है।
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  • agrabharat
    11.06.2021 - 6 days ago

    टीएमसी लौट मुकुल रॉय बोले बीजेपी में था शोषण ममता दीदी को बताया देश का दादा

    टीएमसी लौट मुकुल रॉय बोले बीजेपी में था शोषण ममता दीदी को बताया देश का दादा

    कोलकाता । मुकुल रॉय की तृणमूल कांग्रेस में वापसी हो चुकी है। टीएमसी सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुराने सहयोगी का स्वागत करते हुए उन्हें अच्छा लड़का बताया और कहा कि उन्होंने टीएमसी के साथ गद्दारी नहीं की। राजीव बनर्जी सहित टीएमसी के और बागियों के बीजेसी से वापसी के सवाल को ममता बनर्जी ने फिलहाल टाल दिया और कहा कि आने वाले समय में इस बारे में कुछ कह पाएंगी। उधर, मुकुल…

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  • sporadicbailiffwombatcreator
    02.06.2021 - 2 weeks ago
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  • itstacharya
    25.05.2021 - 3 weeks ago

    आफुलाई ओलीले गरेको कारवाही औचित्यहीन, अनाधिकारिक र अर्थहीन छ : नेता नेपाल

    पूर्वप्रधानमन्त्री माधवकुमार नेपालले केपी ओली नेतृत्वको सरकारलाई कानुनी, राजनीतिक तथा सडक आन्दोलनबाट हटाउँदै मुलुकमा कानुनको राज स्थापना गर्ने दायित्व आइपरेको बताएका छन् ।

    काठमाडौँ । पूर्वप्रधानमन्त्री माधवकुमार नेपालले केपी ओली नेतृत्वको सरकारलाई कानुनी, राजनीतिक तथा सडक आन्दोलनबाट हटाउँदै मुलुकमा कानुनको राज स्थापना गर्ने दायित्व आइपरेको बताएका छन् । आफु कारवाहीमा परेको भोलीपल्ट मंगलबार फेसबुकमार्फत अपिल जारी गर्दै नेपालले ओलीले नेपाली जनता, निष्ठावान नेता कार्यकर्ता, लोकतन्त्र, संविधान र सिंगो कम्युनिस्ट आन्दोलनप्रति ठूलो गद्दारी गरेको आरोप लगाएका छन् । ओली…

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    #KP Oli #kp oli action #madhan nepal#UML
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  • neplia-com
    12.05.2021 - 1 mont ago

    आत्मसमर्पण क्रान्तिप्रति गद्दारी होः घनश्याम भुसाल

    आत्मसमर्पण क्रान्तिप्रति गद्दारी होः घनश्याम भुसाल

    २९ वैशाख, काठमाडौं । नेकपा एमालेका नेता घनश्याम भुसालले झलनाथ खनाल र माधवकुमार नेपाललाई गाली गरेर नेकपा एमाले विभाजन गर्न खोजिएको आरोप लगाएका छन् । नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी (नेकपा) विभाजन गर्न पुष्पकमल दाहाल प्रचण्डलाई गाली गर्नेहरु अहिले एमाले विभाजन गर्न खनाल र नेपाललाई गाली गरिरहेको भुसालको भनाइ छ । सामाजिक सञ्जालमा भुसालले लेखेका छन्, ‘हिजो प्रचण्डलाई गाली गरेर पार्टी विभाजनको पाप ढाक्ने…

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  • politalks-news
    07.05.2021 - 1 mont ago

    सरकार की जनता के साथ गद्दारी है कोविड से भी बड़ी महामारी- लालू यादव के निशाने पर नीतीश सरकार: हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर निकले राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव हुए राजनीति में सक्रिय, रविवार को आरजेडी विधायकों के साथ होने वाली वर्चुअल मीटिंग से पहले लालू ने लिया नीतीश सरकार को आड़े हाथ, लालू ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर साधा निशाना, कहा- 'सरकार की जनता के साथ गद्दारी है कोविड से भी बड़ी महामारी,' इससे पहले बिहार में ऑक्सीजन और दवाइयों की कमी को लेकर लालू ने नीतीश कुमार को बताया था भाजपाई, लालू ने कहा था- 'भाजपाई नीतीश के इस राज का कोई नामकरण नहीं करना, बिहार में ऑक्सीजन, वैक्सीन, इंजेक्शन, बेड की तो छोड़िए साधारण बुखार का दवा तक नहीं मिल रहा, मुख्यमंत्री इस पर कोई जवाब भी नहीं देगा का'

    सरकार की जनता के साथ गद्दारी है कोविड से भी बड़ी महामारी- लालू यादव के निशाने पर नीतीश सरकार: हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर निकले राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव हुए राजनीति में सक्रिय, रविवार को आरजेडी विधायकों के साथ होने वाली वर्चुअल मीटिंग से पहले लालू ने लिया नीतीश सरकार को आड़े हाथ, लालू ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर साधा निशाना, कहा- ‘सरकार की जनता के साथ गद्दारी है कोविड से भी बड़ी महामारी,’ इससे पहले बिहार में ऑक्सीजन और दवाइयों की कमी को लेकर लालू ने नीतीश कुमार को बताया था भाजपाई, लालू ने कहा था- ‘भाजपाई नीतीश के इस राज का कोई नामकरण नहीं करना, बिहार में ऑक्सीजन, वैक्सीन, इंजेक्शन, बेड की तो छोड़िए साधारण बुखार का दवा तक नहीं मिल रहा, मुख्यमंत्री इस पर कोई जवाब भी नहीं देगा का’

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  • khabarexclusive24
    07.05.2021 - 1 mont ago

    RJD Supremo Lalu Prasad Yadav Attacks Nitish Kumar And BJP On Covid 19 | लालू यादव का तंज

    RJD Supremo Lalu Prasad Yadav Attacks Nitish Kumar And BJP On Covid 19 | लालू यादव का तंज

    पटना: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव जेल से बाहर आते ही राजनीति में पूरी तरह सक्रिय दिख रहे हैं. लालू प्रसाद रविवार को अपने विधायकों के साथ वर्चुअल बैठक भी करने वाले हैं. इस बीच, उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बीजेपी का नाम लिए बिना निशाना साधा है. उन्होंने सरकार की गद्दारी को कोरोना से ज्यादा खतरनाक बताया. लालू प्रसाद यादव ने शुक्रवार को…

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  • abhay121996-blog
    06.05.2021 - 1 mont ago

    Video: राखी सावंत का दावा- मेरे शरीर में यीशु का पवित्र लहू, मुझे कभी नहीं होगा कोरोना Divya Sandesh

    #Divyasandesh

    Video: राखी सावंत का दावा- मेरे शरीर में यीशु का पवित्र लहू, मुझे कभी नहीं होगा कोरोना
    ‘बिग बॉस’ फेम एंटरटेनर और डांसर राखी सावंत (Rakhi Sawant) अपने मजेदार अंदाज के लिए जानी जाती हैं। आए दिन राखी कुछ ऐसा जरूर करती और कहती हैं, जिस कारण वह चर्चा में रहती हैं। राखी सावंत का एक मजेदार वीडियो सामने आया है, जिसकी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। इस वीडियो में राखी दावा कर रही हैं कि उन्‍हें या उनकी फैमिली को कभी कोरोना (Covid-19) नहीं होगा, क्‍योंकि उनके शरीर में यीशू का पवित्र लहू (Jesus’ holy blood) है। राखी के वीडियो पर तमाम कॉमेंट्स आ रहे हैं, कोई उन्‍हें क्‍यूट बता रहा है, तो कोई उन्‍हें अपना ब्‍लड डोनेट करने की सलाह दे रहा है।
    ‘मेरे हिस्‍से की वैक्‍सीन किसी और को दे दो’मामला बुधवार का है। राखी सावंत मुंबई के लोखंडवाला इलाके में एक कॉफी शॉप के बाहर नजर आईं। इस दौरान वहां मौजूद फोटोग्राफर्स से राखी ने अपने अंदाज में लंबी बातचीत की। राखी ने कहा कि देश में कोरोना वैक्‍सीन की कमी है, इसलिए वह चाहती हैं कि उनके हिस्‍से की वैक्‍सीन किसी और जरूरतमंद को दे दी जाए। राखी ने कहा, ‘मुझे कोरोना नहीं हो सकता, मुझे कभी नहीं होगा, क्‍योंक‍ि मेरे शरीर में मेरे यीशु का पवित्र लहू है। इसलिए मुझे और मेरी फैमिली को कोरोना नहीं हो सकता है।’
    निक्‍की के भाई की मौत पर जताया दुखराखी ने इस दौरान निक्‍की तंबोली (Nikki Tamboli) के भाई जतिन के निधन पर भी अफसोस जताया। राखी ‘बिग बॉस 14’ में निक्‍की के साथ थीं। निक्‍की के 29 साल के भाई की कोरोना के कारण मौत हो गई है। राखी ने कहा कि वह और निक्‍की बिग बॉस के घर में अक्‍सर उनके भाई के बारे में बात करती थीं। निक्‍की अपने भाई से बहुत प्‍यार करती थी।
    कंगना के ट्विटर सस्‍पेंड पर बोलीं- बहुत सही हुआइन सब के बीच राखी सावंत ने एक बार फिर कंगना रनौत (Kangana Ranaut) पर निशाना साधा। कंगना के ट्विटर अकाउंट सस्‍पेंड (Twitter Account Suspended) होने पर राखी ने कहा, ‘इस तरह की भड़काऊं बातें भी देश के साथ गद्दारी करने जैसी ही हैं। कंगना जैसे लोगों के साथ ट्विटर ने बहुत सही किया।’ राखी ने पिछले हफ्ते भी कंगना रनौत पर निशाना साधा था। राखी ने कहा था कि कंगना जी के पास तो बहुत पैसा है, करोड़ों रुपये कमाती हैं, फिर वह बाहर आकर लोगों की मदद क्‍यों नहीं करती हैं। राखी ने कहा था, ‘कंगना जी आप देश की सेवा कीजिए न, प्लीज। इतने करोड़ों रुपये हैं आपके पास। ऑक्सीजन खरीदिए और लोगों में बांटिए, हम तो यही कर रहे हैं।’
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  • prerananews24
    24.04.2021 - 1 mont ago

    DRG जवान की हत्या कर जंगलों में फेंका शव, पर्ची में नक्सलियों ने लिखा- गद्दारी की यही सजा

    DRG जवान की हत्या कर जंगलों में फेंका शव, पर्ची में नक्सलियों ने लिखा- गद्दारी की यही सजा

    पवन दुर्गम/ बीजापुरः 21 अप्रैल को बीजापुर में नक्सलियों ने DRG जवान SI मुरली ताती का अपहरण किया था. आज शनिवार सुबह जंगलों में जवान की लाश मिली है, हत्या करने वाले नक्सली संगठन पश्चिम बस्तर डिविजनल कमेटी ने बॉडी के साथ पर्चा जारी कर बताया कि उन्होंने जवान को किस वजह से मारा. बता दें कि कुछ दिनों पहले भी एक जवान राकेश्वर सिंह मनहास का अपहरण हुआ था, लेकिन उन्हें कुछ दिनों बाद ही छोड़ दिया गया…

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  • mohit-trendster
    22.04.2021 - 1 mont ago

    भूतिया बॉर्डर (हॉरर कहानी) - मोहित शर्मा ज़हन

    बॉर्डर पर भूत (Orginally published in Hinglish year 2013)

    कहा जाता है कि अगर कर्म अच्छे हों और नियत साफ़ रहे, तो इंसान खुश रहता है। यह बात बताते समय लोग भूल जाते हैं कि इंसान अपने कर्म और नियत को संभाल सकता है पर अगर दूसरे की नियत में खोट है, तो अच्छे इंसान पर भी मुसीबत आ सकती है। यह बात केवल इंसान पर ही नहीं बल्कि देश पर भी लागू होती है। जब देश की नीतियां सख्त नहीं होती तो एक समय के बाद उसे अंदर और बाहर से लालची घटकों का बिना बात का विरोध झेलना पड़ता है। विरोध की यह आग कब गलत आहुतियों से विकराल रूप ले ले पता नहीं चलता।

    यार्क और रेज़ध पड़ोसी देशों के बीच तनाव एक बार फिर जंग में तब्दील हो गया था। यार्क के मुकाबले रेज़ध हमेशा से कमजोर रहा था और अब तक हुई कुछ लड़ाइयों में यार्क देश ने इस बात का फायदा उठाकर रेज़ध की काफी ज़मीन हड़प ली थी। यार्क पर 40 सालों से एक तानाशाह स्वामली का राज था, जो अपना राज बढ़ाने के लिए कोई भी रास्ता अपनाने के लिए तैयार रहता था। इन चार दशकों में सिर्फ रेज़ध ही नहीं, अपने आस-पास के कुछ देशों से भी यार्क देश के रिश्ते तल्ख ही रहे थे। अगर आप यार्क के पड़ोसी देश के शासक हैं, तो हर समय हमला होने की चिंता सताती रहेगी। यार्क ने फितरत के मुताबिक एक बार फिर रेज़ध पर हमला कर दिया था।

    ब्रिगेडियर एडम कास्त्रो के नेतृत्व में रेज़ध सेना की बड़ी टुकड़ी महत्वपूर्ण मोर्चे पर डटी हुई थी। अपने सैनिकों में से एक का अजीब बर्ताव देख एडम बिफर पड़े।

    "आखिर तुम्हें हो क्या गया है डी-1 (गैरी)। ड्रिल्स में तुम बेस्ट परफॉर्म करते थे, बट तुम्हारे चेहरे पर यह चिंता और शरीर में इतनी हरकतें क्यों हो रही हैं? क्या असली दुश्मन के सामने तुम्हारे हौसले पस्त हो गए हैं? लगता है तुम बातों और प्रैक्टिस के शेर को बस।"

    "सर, मेरी पैंट में कुछ घुस गया है जो नीचे से काटना शुरू करते हुए धीरे-धीरे ऊपर की तरफ बढ़ रहा है। दर्द की इंटेंसिटी से लग रहा है कि वो रेगिस्तान की बड़ी मकड़ी ग्रे विडो है। मुझे डर है कि अगर वो ऊपर आ गई तो उसका काटना इतना घातक हो सकता है कि मेरी पर्सनेलिटी एम्प्यूटेट हो जाएगी, सर!"

    "डी-1, तुम बंकर से ऊपर हुए तो तुम्हारी खोपड़ी उड़ जाएगी। जान प्यारी है या पर्सनेलिटी? वैसे अभी मकड़ी की लोकेशन क्या है?"

    "सर वह बेस के पास पहुँच गई है। मैं और नहीं रुक सकता...।"

    डी-1 सोल्जर उछला और तुरंत दुश्मन स्नाइपर की गोली चली।

    फ्लैंग...।

    ब्रिगेडियर एडम - "ये कैसी आवाज थी। जैसे कोई घंटा बजा हो। डी-1, तुम्हें गोली लगी है?"

    सोल्जर डी-1 - "आह... हाँ, सर! बेस को छूकर गई है।"

    ब्रिगेडियर एडम - "ओह नो! डी-1 की पर्सनेलिटी गई।"

    सोल्जर डी-1 - "सर, बस स्किन गई है थोड़ी! पर खतरनाक मकड़ी भी गोली से उड़ गई है।"

    ब्रिगेडियर एडम - "ब्लेसिंग इन डिस्गाइज़ डी-1! फर्स्ट ऐड करके वापस बंकर पर लगो। पैंट ढंग से झाड़कर आना इस बार।"

    रेज़ध की सेना कई मोर्चों पर नाकाम हो रही थी। उनकी बनाई गई नीतियाँ कोई जासूस या सेना का अधिकारी लीक कर रहा था।

    कुछ देर में दो दर्जन सैनिकों और कुछ घायलों की मामूली टुकड़ी के साथ, मेजर जनरल गैरी कास्त्रो(जो एडम का बड़ा भाई था), एडम की लोकेशन पर पहुँचा। गैरी के कंधे पर गोली लगी थी। अपने भाई और सीनियर ऑफिसर की ये दशा देख एडम का मनोबल टूट गया।

    युद्ध से पहले जहां दोनों में देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज़्बा आगे की स्थिति सोचने नहीं दे रहा था वहीं अब वह स्थिति सामने आने पर दोनों अंदर से टूट गए थे। दोनों भाई इस तरह मिलने से भावुक थे क्योंकि रेज़ध की स्थिति बेहद कमजोर थी, उन्हें अंदाजा हो गया था कि यह शायद उनकी आखिरी मुलाकात होगी। पर उनके सैनिकों का मनोबल न टूटे इसलिए दोनों फ़ौजी औपचारिक रूप से और आवाज़ में जोश के साथ ही बातें कर रहे थे।

    गैरी - "हमारी फ़ोर्सेस इस रीजन में सिमटती जा रही हैं। अगर ऐसा जारी रहा तो दुश्मन एयरफोर्स को हमारी आर्मी को खत्म करने का मौका मिल जाएगा, जो पहले से ही गिनती में दुश्मन के मुकाबले काफी कम है। मेरे पास बस इतने ही सैनिक बचे थे इसीलिए मैं तुम्हारी लोकेशन पर आ गया जहाँ हमारी संख्या लड़ने लायक है।"

    आगे की रणनीति बनाने के लिए, एडम और गैरी अपने कमांड चैम्बर मे गए। दोनों को समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर युद्ध से पहले और युद्ध के दौरान बनाई गई महत्वपूर्ण योजनाएं लीक कौन कर रहा था? इतना तो तय था की सिमटती सेना के चुनिंदा बड़े अधिकारियों में से कोई एक या ज़्यादा अफ़सर दुश्मन देश से मिले हुए हैं।

    रणनीति पर बात करते हुए दोनों नक़्शे को देख रहे थे। कुछ देर बाद।

    गैरी - "मेजर, बटालियन को डिग्री एपिसेंटर पर भेजें। पर्पल हेरोन्स रीएनफोर्समेंट(जनरल'स रेजिमेंट) की ट्रिब्यूटरी बनाने का ऑर्डर दो। मेजर... मेजर!"

    ट्रान्समिशन सिस्टम्स को संभाल रहा मेजर एकटक सिस्टम स्क्रीन को निहार रहा था और उसके मुँह से झाग निकल रहे थे।

    एडम(चेक करने के बाद) - "मेजर तो मरने की कगार पर हैं सर! शायद यही सारी इन्फॉर्मेशन लीक कर रहा था। जिसने साइनाइड लिया है।"

    गैरी - "पर अचानक साइनाइड खाने की क्या नौबत आ गई इसको?"

    एडम - "...क्योंकि इसने अपना काम कर दिया है। बॉर्डर के पास लगी कुछ मिसाइल इसने हमारी सेना के हेडक्वार्टर और प्रेजिडेंट के गुप्त निवास (जो सिर्फ हमें पता है) जैसे महत्वपूर्ण ठिकानों पर छोड़ने के कोड्स डाल दिए हैं। सब खत्म हो गया है सर। बस ये बेस और कुछ यूनिट बची हैं, मेजर रेजिमेंट के अलावा। यह मरते हुए स्क्रीन पर कुछ इशारा कर गया है।"

    मेजर जनरल गैरी ने आपा खो दिया और अपनी पिस्टल से मरे हुए मेजर पर गोलियाँ चला दीं।

    गैरी - "सुअर की पैदाइश! ब्रिगेडियर के अलावा सब खाली कर दो ये कंट्रोल रूम और पोजीशन लो।"

    सबके जाने के बाद।

    गैरी - "बची यूनिट्स और मेजर रेजिमेंट को साउथ-वेस्ट में सेफ पॉइंट्स जाने के कोड्स दो। लगता है ये इलाका भी यार्क के हाथ आ जाएगा। पर इतनी जल्दी मुझे हार नहीं माननी...।"

    एडम ने निर्देशों का पालन करते हुए यूनिट और मेजर रेजिमेंट को बताए कोड्स दिए।

    गैरी - "एडम, मेरे भाई! मैं तुझे मरते हुए नहीं देख सकता। तू निकल जाए यहाँ से। मैंने भाभी और तेरे लिए पैसों  और पड़ोसी देश व्रज़िया में रहने का इंतजाम कर दिया है। मेरी चिंता मत कर, भाग जा मेरे भाई! मेरे परिवार को साथ ले जाना..उनका ख्याल रखना।

    ■■■

    गैरी हारकर बैठ गया। एडम ने अपने बड़े भाई की आँखों में बचपन के उस दिन के बाद पहली बार आँसू देखे थे, जब उनके पिता कर्नल जॉन कास्त्रो, 32 साल पहले यार्क से जंग के लिए रवाना हो रहे थे। 8 साल के गैरी और 5 साल के एडम ने उन्हें रोकने के लिए कुर्सी, मेज़, तकियों, गद्दों की दीवार बना दी थी, ताकि उनके पापा रुक जाए।

    एडम - "मत जाओ न पापा! देखो मम्मा तो कुछ बोल भी नहीं रही है। बस अपने कमरे में रो रही हैं कल रात से। आज की तरह गैरी भइया रोज आपके लिए ब्रेड मून का ब्रेकफ़ास्ट बना देंगे। मत जाओ पापा, प्लीज!"

    गैरी - "पापा, आप जब कहोगे मैं पढूँगा! मम्मा की हेल्प करूँगा। मत जाओ न आप।"

    वह तकियों, गद्दों से बनी दीवार आज जॉन को दुश्मन की रेजिमेंट से भारी लग रही थी। पर वह दिन भी आज की तरह क्रूर था। उस दिन भी रेज़ध की हालत कमजोर थी और हार निश्चित थी। जॉन बच्चों के गले लगा रहा।

    अपनी बीवी मार्था और बच्चों से जॉन बेइंतहा प्यार करता था। वह बच्चों का बचपन देखना चाहता था, अपने परिवार के साथ समय बिताना चाहता था, उन्हें दुनिया की हर खुशी देना चाहता था। मार्था से माफी मांगना चाहता था और एक बार खुल कर रोना चाहता था। अक्सर किस्मत एक काम के लिए कई सालों का समय देती है जबकि कभी कई अहम काम कुछ पलों की सोच में धुआं हो जाते हैं।

    मार्था ने रात से खुद को कमरे में बंद कर रखा था और सिसकियों की आवाजें लगातार आ रही थीं उसमें जॉन को विदा करने की हिम्मत नहीं थी। हालांकि, उसने जॉन को पहले भी विदा किया था पर अपने पति को आखिरी बार विदा करने की हिम्मत शायद दुनिया की किसी पत्नी में नहीं होती। जॉन ने मास्टर की से अब तक बंद दरवाज़ा खोला और बच्चों को बाहर कर फिर से दरवाज़ा बंद कर लिया।

    गैरी और एडम को अंदर से रोते अपने माता-पिता की आवाजें आ रही थीं। उनके नन्हें दिमाग यह कल्पना नहीं कर पा रहे थे कि आखिर बात क्या है? माँ तो कभी-कभार रो दिया करती थीं पर बच्चों के लिए अपने पिता को रोते हुए सुनना कुछ अजीब था।

    दोनों के सपनों में रोते हुए अपने माता-पिता की वे आवाज़ें अक्सर गूँजती थीं। अक्सर करवटों और नींद के बीच यादों का वह बंद दरवाज़ा उन्हें परेशान करता था।

    आखिरकार जॉन के साथ मार्था बाहर आई। अब दोनों चुप थे पर एक-दूसरे को एकटक देखे जा रहे थे जैसे आँखों से जिंदगी भर की बातों का हिसाब कुछ पलों में निपटा दें। आँखों की भाषा बड़ी तेज़ होती है और छलिया भी! यूं ही झूठी मुस्कान के साथ झूठे वायदे दे दिया करती है।

    गैरी और एडम ने आखिरी कोशिश की। पापा ने दोनों को अपनी गोद में उठाकर झूठा दिलासा दिया ताकि वे निकल सके। जॉन दोनों को देखकर सोच रहा था कि इनका भविष्य क्या होगा? बड़े होकर ये क्या बनेंगे? काश इन सवालों के जवाब उसको पता होते।

    "मैं वापस आऊंगा मेरे बच्चों।"

    रेज़ध जंग हार गया और जॉन उस रात ही अपने देश के लिए शहीद हो गए। मार्था ने बच्चों की परवरिश की, उन्हें काबिल बनाया। पर अंदर ही अंदर वो गम से खोखली होती गई। अक्सर दरवाजे पर उसको जॉन के लौटने का इंतजार रहता। झूठा ही सही वायदा तो किया था जॉन ने! समय बीतने के साथ गैरी के फ़ौज में जाने के तीन साल बाद एडम भी आर्मी में लेफ्टिनेंट बना, मार्था को जैसे लाइसेंस मिल गया। उसने फिर से वह दरवाजा बंद कर लिया और जब गैरी और एडम ने वह दरवाजा खोला तो अपनी माँ की लाश लटकी पाई।

    मार्था ने जॉन से अपने बच्चों की परवरिश कर काबिल बनाने का आँखों में किया वायदा पूरा किया था। शायद अब जॉन से मिलने के लिए, वह और नहीं रुक सकती थी।

    ■■■

    “Dd13-Dd13”

     तभी दोनों को वायरलेस संदेश मिला।

    "सर, हमें काफी संख्या में सैनिक रीएनफोर्समेंट में आते दिख रहे हैं। पर कई संदेशों और वार्निंग के बाद भी वे दुश्मन की तरफ खुले मैदान में बढ़े जा रहे हैं। इससे वे रेंज में आने पर, आसानी से उनके टारगेट बन जायेंगे।"

    गैरी - "अब ये कहाँ से आ गए?"

    एडम - "ये रिज़र्व फोर्सेज होंगी सर! जो अब सबसे बड़ी कमांड के सपोर्ट के लिए बढ़ रही होंगी।"

    वायरलेस के मैसेज से पता चला कि रेज़ध आर्मी की बाकी यूनिट्स और मेजर रेजिमेंट, बॉर्डर के पास दूसरे इलाकों में पहुँच रही हैं।"

    गैरी - "नहीं! कैसे हो गया यह सब? अब कौन गद्दार बचा रह गया? हम दोनों ने उन्हें सुरक्षित रखने के लिए अलग लोकेशन कोआर्डिनेट्स दिए थे।

    एडम (गैरी पर गन तानते हुए) - "कोआर्डिनेट्स मैंने बदले थे भइया, ताकि हमारी बची यूनिट्स सुरक्षित रहें और आपके द्वारा दुश्मन को चिन्हित किये सेफ पॉइंट्स पर जाकर मारे न जाएं।"

    गैरी - "तूने? पर क्यों भाई?"

    एडम - "नाटक मत करो भइया, शक तो मुझे आपके यहाँ आने पर ही हो गया था। आपकी लोकेशन ऐसी नहीं थी जो यार्क का आपकी इतनी बड़ी यूनिट पर ऐसा हमला होता कि बस कुछ जवान बचते। दुश्मन की रेंज बॉर्डर और आस-पास के इलाकों में है, देश के इतने अंदर नहीं जहाँ आप लोगों की गुप्त लोकेशन थी। एक बात और, मिसाइल चलाने के गुप्त लोकेशन के कोड्स मेजर रैंक के ऑपरेटर के पास नहीं होते। हाँ, उससे बड़े ऑफिसर के पास होते हैं। आपने ही मेजर को साइनाइड की सिरिंज लगाई... कोड्स देने के तुरंत बाद, ताकि वह कुछ समझ न पाए। मरने से पहले उसकी उँगली अपने क्यूबन सिगार की तरफ थी। फिडल कास्त्रो...कास्त्रो यानी...गैरी कास्त्रो...कास्त्रो...।"

    गैरी - "अब तू सब समझ ही गया है तो भाई, तू नाटक मत कर और सच्चाई को देख। यार्क इस बार कोई इलाका नहीं बल्कि पूरा रेज़ध हड़पने के लिए बढ़ रहा है। आगे तेरा परिवार है, हम दोनों को जीना है। मैं अपने बच्चों को वैसे नहीं छोड़ सकता जैसे पापा हमें छोड़ गए थे। एक झूठ के सहारे। मैंने पापा का बहुत इंतजार किया पर फिर दिल को मनाया कि पापा का वह झूठ मैं अपने परिवार से नहीं दोहराऊँगा, चाहे देश से गद्दारी करनी पड़े। दोनों देशों में फिर से तनाव के बाद, यार्क का तानाशाह स्वामली, रेज़ध आर्मी के ऐसे बड़े ऑफिसर्स की ताक में था जो उससे मिल जाएं। मुझे पता था कि इस बार भी हार निश्चित है, इसलिए ये रास्ता चुना।

    एडम - "भइया, देश के कई परिवारों और अनगिनत वायदे पूरे रहे इसलिए फौजी अक्सर अपने परिवार और वायदे अधूरे छोड़ देते हैं। पापा से मैंने यह बात सीखी है पर शायद आपने नहीं। माफ करना भइया, देश से गद्दारी करने के जुर्म में मैं आपको बंदी बना रहा हूँ।"

    गैरी ने असावधान एडम को एक वार में चित्त कर उसकी गन उससे दूर कर दी और मरे हुए मेजर की एलएमजी एडम पर तान दी।

    गैरी - "मुझे पता था कि तू नहीं मानेगा। मुझे यहाँ से जल्दी निकलना है, नहीं तो यार्क एयरफोर्स के हमले में मारा जाऊँगा। तूने और तेरी वतनपरस्ती ने पहले ही मेरा बहुत समय बर्बाद कर दिया है। तुझे मारने से पहले तुझे ये तसल्ली दे दूँ कि तेरे परिवार को मैं सहारा दूँगा। माफ कर दे एडम, अलविदा!"

    गैरी ने ट्रिगर दबा दिया। एडम ने कहीं पढ़ा था कि मौत से पहले हर चीज़ धीमी गति से होती है और आँखों के सामने अपना जीवन घूम जाता है।

    उसकी तरफ बढ़ती गोलियों की रफ्तार तो धीमी हो गई थी पर उसकी आँखों के सामने उसका जीवन नहीं घुमा, यानी अभी मौत नहीं आयी थी। पर कुछ पलों तक खड़े रहने के बाद उसको लगा कि गोलियाँ वाकई हवा में रुक गई हैं। गैरी भी अवाक खड़ा, एडम के पीछे कुछ देख रहा था। एडम को अपने कंधे पर एक हाथ महसूस हुआ। उस कमरे में दोनों के अलावा कौन था? सब तो गैरी के ऑर्डर पर बाहर चले गए थे। क्या मेजर जिंदा था? उसने पलटकर देखा तो चौंककर जमीन पर ही बैठ गया। यह कैसे हो सकता है...

    "मैंने कहा था न बच्चों, मैं वापस आऊँगा।"

    जॉन कास्त्रो की जीती जागती लाश, अपनी फौजी वर्दी में बंदूक लिए खड़ी थी। एडम और गैरी की धुँधली यादें जैसे ताज़ा हो गईं।

    "... और गैरी, मैंने झूठ नहीं बोला था।"

    इतना कहकर जॉन ने गैरी पर गोलियाँ चला दीं और गैरी मर गया।

    "वो रीएनफोर्समेंट फ़ोर्स नहीं एडम, यार्क से हुई पहले की जंगों में मारे गए सैनिक हैं जो पूरे रेज़ध पर संकट देखकर दोबारा आये हैं।

    अब कमान एडम ने संभाल ली। मुर्दा-ज़िंदा सैनिकों की संख्या रेज़ध में ज्यादा थी पर एडम छुपकर बचाव के पक्ष में था। लेकिन मुर्दे सैनिक किसी आदेश का पालन नहीं कर रहे थे। वे सब पुरानी राइफल्स, रिवॉल्वर्स लिए बढ़े जा रहे थे। यहाँ तक कि उसके पिता जॉन ने भी उससे विदा ली। एडम उन्हीं पाँच साल के बच्चे-सी नजरों से जॉन को देख रहा था।

    जॉन - "बेटा, तू बड़ा हो गया है अब, गोद में नहीं उठा सकता। गले मिलकर काम चला ले, हा हा हा।"

    एडम मुस्कुराया और जॉन ने उससे वैसे ही आँखों में सदियों की बातें कर दी जो कभी जाते वक्त उसने मार्था से की थी। यह भी उस पुराने दिन वाली घड़ी आन पड़ी थी जब काम ज़्यादा थे और पल गिने-चुने। फिर भी एडम को इस बात की तसल्ली थी कि अपने पिता की धुंधली हो रही यादों में ये कुछ अनमोल पल और जुड़ गए थे।

    कुछ समय यार्क ने अपनी तरफ बढ़ते सैनिकों की गतिविधि का जायज़ा लिया और फिर जिसका डर था वही हुआ। यार्क की एयरफ़ोर्स ने मैदानों में बढ़ रहे मुर्दे सैनिकों पर बम बरसाए। मैदान धुएँ से भर गया। एडम को यकीन था कि सबके चिथड़े उड़ गए होंगे...पर जब धुआँ छँटा तो नजारा बेहद भयानक था क्योंकि कटे पैर, बिना सिर के धड़, क्षतिग्रस्त हाथ, यहाँ तक कि अलग हुई आँखें भी यार्क की सीमा और उसके सैनिकों की तरफ बढ़ रही थी। यह नज़ारा तो मोर्चे पर बचे रेज़ध के सैनिकों की भी साँसें रोक रहा था।

    जल्द ही मुर्दों ने यार्क के सैनिकों पर पार पा लिया। पर फिर भी सभी मुर्दा शरीर क्षत-विक्षत हालत में बढ़ते जा रहे थे। पता नहीं क्या थी उनकी मंजिल। वे सभी हर बाधा को पार कर और हजारों किलोमीटर का सफर तय करके पहुँचे उस बंकर तक जहाँ यार्क का शासक स्वामली छुपा हुआ था। मुर्दे ज़मीन में समा गए और भूमिगत बंकर के नीचे से निकले। स्वामली और उसके बड़े ऑफिसर्स को बहुत बुरी मौत के घाट उतारा गया। अगले दिन सीमारेखा के निशान 32 साल पहले वाले थे और रेज़ध को अपनी खोई हुई ज़मीन और सम्मान वापस मिल गया था। एडम ने अपने बच्चों से वापस लौटने का वायदा निभाया और गैरी का परिवार भी अपना लिया।

    ■■■

    #मोहित शर्मा ज़हन #mohit trendster#story#fiction#horror
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  • rightnewsindia
    13.04.2021 - 2 monts ago

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